What is in your centre?

In this article we will discover the diffrence between service and selfishness.

Jatin tiger

6/20/20231 min read

आपके केंद्र में क्या है ?

(What is in your centre ?)

आप अपने जीवन के केंद्र में किसको रखते हैं ? यानी की आपके जीवन में सबसे ज़रूरी चीज क्या है ? “सेवाया स्वार्थ” ?

हमारी जीवन में उन्नति, ख़ुशी, दुख , तकलीफ़, कामयाबी या असफलता इसी बात पर निर्भर है कि क्या आपअपने बारे में सोचते हैं या दूसरों के बारे में जीवन के हर पहलू में ये चीजें बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे बिज़नेसको ही ले लीजिए

मान लीजिए आप कोई बिज़नेस शुरू करते है। और सिर्फ़ अपने बारे में ही सोचते हैं की मुझे मुनाफ़ा कैसे होगाभले ही लोगो को कैसा भी प्रोडक्ट मिले तो आप ज़्यादा दिन तक तरक़्क़ी नहीं कर पाएँगे लेकिन जैसे हीआपका नज़रिया इस बात पे जाता है कि मुझसे पहले मैं लोगो के बारे में सोचूँ लोगो को मेरे प्रोडक्ट सेलाभ कैसे हो और ज़्यादा से ज़्यादा लोगो की मैं सेवा कर पाऊँ तो आपकी तरक़्क़ी निश्चित है इसलिए हमेशाअपने जीवन में दूसरो की सेवा की भावना रखिए , स्वार्थ की नहीं

In my life, I prioritize "service" over self-interest. The most important thing to me is to be of service to others rather than solely focusing on myself. Progress, happiness, sorrow, pain, success, or failure in our lives depend on whether we think about ourselves or about others. These aspects are crucial in every facet of life, including business.

Let's consider starting a business, for example. If you only think about yourself and how to maximize profits, without considering the needs and benefits of the customers, you may not achieve sustained growth even if you offer any product or service. However, as soon as your perspective shifts to how you can serve others and provide them with benefits through your products or services, your progress becomes certain. Therefore, always cultivate a mindset of serving others rather than being driven by self-interest.